हिंदी व्याकरण

नमस्कार दोस्तों, आप कैसे हैं ? आशा करता हूँ की आप अच्छे होंगे। आज के लेख में मैंने सम्पूर्ण Hindi Grammar (हिन्दी व्याकरण) को एक ही जगह संग्रहीत किया है। ताकि सम्पूर्ण Hindi Grammar को आप एक ही जगह पर पढ़ सकें।

व्याकरण क्या है ?

व्याकरण वह ग्रंथ है जो हमें किसी भाषा के शुद्ध लेखन, शुद्ध उच्चारण और शुद्ध प्रयोग का ज्ञान प्रदान करता है। व्याकरण के मुख्यतः तीन अंग होते हैं –
  1. वर्ण
  2. शब्द
  3. वाक्य
Hindi Grammar Notes
राजभाषा और राष्ट्रभाषा
वह भाषा जिसका प्रयोग पूरे देश का काम – काज चलाने के लिये सरकारी स्तर पर किया जाता है, उसे राजभाषा कहते हैं। हमारे देश (भारत) की राजभाषा हिंदी है। स्वतंत्रता – प्राप्ति से पूर्व हमारे देश की राजभाषा ‘अँग्रेजी’ थी। 
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हिन्दी वर्णमाला 
वर्णो के व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते है। हिन्दी वर्णमाला दो भागों में बटा होता है। जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अवरोध के होता है, उन्हें स्वर कहते है। इनके उच्चारण में किसी दूसरे वर्ण की सहायता नहीं ली जाती है ये सभी स्वतन्त्र होते है।
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हिन्दी मात्रा
मात्रा (hindi matra ) स्वर का ही एक रूप होता है। जो स्वर का ही प्रतिनिधित्व करता है मात्राओं की संख्या ग्यारह होती है। लेकिन दृश्य रूप में मात्राओं की संख्या दश होती है।
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शब्द 
दो या दो से अधिक वर्णों के सार्थक योग को शब्द कहते हैं। जैसे – क् + अ + म् + अ = कम (थोड़ा या कम) 
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वाक्य 
शब्दों का सार्थक योग वाक्य कहलाता है। वाक्य भाषा व व्याकरण का सबसे बड़ा अंग होता है। 
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संज्ञा
जिन शब्दों से  किसी व्यक्ति, वस्तु,स्थान या भाव का बोध होता है, उसे संज्ञा कहते है। व्यक्तियों केनाम, वस्तुओंकेनाम, स्थानों केनाम, भावों के नाम आदि।
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सर्वनाम
संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किये जाने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते है। जैसे - एक राजा  था, वह  जंगल में रहता था। शब्द वह   का प्रयोग संज्ञा शब्द राजा  की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए किया गया है। अर्थात शब्द वह  सर्वनाम है
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क्रिया
यदि किसी वाक्य में काम का करना या होना पाया जाए तो उसे क्रिया कहते है। क्रिया संस्कृत के धातु से आई है संस्कृत के धातु से ही क्रिया बनती है।
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विशेषण 
वे शब्द जो संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताते है, उन्हें विशेषण (adjective) कहते है। किसी वाक्य में जिनके बारे में बात की जाती है उसे विशेष्य कहते है।
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अविकारी शब्द
वे शब्द जिन्हे लिंग, वचन, काल व कारक के आधार पर बदला न जा सके, अविकारी शब्द कहलाते हैं। जैसे – अब, कब, क्यों,  हाँ, नहीं, लेकिन, जल्दी, शीघ्र आदि।
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सन्धि
वर्णों के मेल को सन्धि कहते है। जैसे - राका + ईश = राकेश यहाँ राका का अर्थ है। 'चाँदनी' तथा ईश का अर्थ है 'स्वामी'।
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समास
समास का शाब्दिक अर्थ होता है 'संक्षिप्त'। समास दो शब्दों से मिलकर बना है 'सम् + आस' सम का अर्थ होता है 'संक्षिप्त' तथा आस का अर्थ होता है 'कथन'
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कारक 
कारक का शाब्दिक अर्थ होता है - 'करने वाला'। संज्ञा या सर्वनाम का ऐसा रूप जो अन्य शब्दों से विशेषतः क्रिया से अपना सम्बन्ध प्रकट करता है, कारक कहलाता है।
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वाच्य
क्रिया के जिस रूप से कर्ता, कर्म और भाव की प्रधानता का बोध होता है, उसे वाच्य कहा जाता है। जैसे – राधा पत्र लिखती है।
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वचन 
शब्द के जिस रूप से संज्ञा की संख्या का बोध होता है, वचन कहलाता है।
अर्थात व्याकरण में ‘वचन’ संख्या का बोध कराता है। जैसे – बच्चा गाता है।
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विराम चिन्ह 
विराम चिन्ह का अर्थ होता है – ‘ रुकना या ठहरना’ जब हम किसी से बात करते है अर्थात अपने भावों या विचारों को किसी दूसरे के सामने रखते हैं तो बीच – बीच में रूकना पड़ता है।
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तत्सम और तद्भव शब्द 
तत्सम शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है ‘तत्’ और ‘सम’। जिसका अर्थ होता है – ‘उसके समान’।
तद्भव शब्द का अर्थ होता है – ‘उससे होना’Read More
पर्यायवाची शब्द 160 +
पर्याय से आशय होता है - 'बदले में आने वाला' 
अर्थात ऐसे शब्द जिनके अर्थ में समानता पायी जाती हैं, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं।
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अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
ये वे शब्द होते हैं जो एक वाक्यांश का अर्थ देते हैं। जैसे – जो कुछ भी न जानता हो – अज
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हिन्दी मुहावरा एवं लोकोक्तियां
आज के नोट्स मे आप 100 महत्वपूर्ण मुहावरे (hindi muhavare) तथा लोकोक्तियों के बारे मे विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।
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उपसर्ग 
वे शब्द जो किसी शब्द के आगे जुड़कर उसके अर्थ को बदलते हैं, उन्हे उपसर्ग कहते हैं। जैसे – प्र (उपसर्ग) + हार (मूल शब्द) = प्रहार (नया शब्द)
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काल किसे कहते है काल के प्रकार
काल कोई वर्ण, शब्द और वाक्य नहीं होता है बल्कि यह क्रिया की स्थिति होती है।
अर्थात काल क्रिया के होने का समय बताता है।
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औपचारिक पत्र, अनौपचारिक पत्र लेखन उदहारण
पत्र लेखन के द्वारा हम अपनी बात को विस्तारपूर्वक कह सकते हैं। पत्र लेखन को पढ़कर जो अपनेपन का भाव झलकता है वैसा और किसी अन्य साधन के द्वारा नहीं होता है।
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