हिन्दी महत्वपूर्ण लोकोक्तियां (Lokoktiyan in Hindi)

लोकोक्तियांअर्थ
जल मे रहकर मगर से वैरकिसी के आश्रय मे रहकर दुश्मनी मोल लेना
आ बैल मुझे मारजान बूझ कर लड़ाई मोल लेना
अक्ल बड़ी या भैंसशरीर शक्ति की तुलना बुद्धि की ताकत श्रेष्ठ
आगे नाथ न पीछे पगहासम्पूर्ण रूप से स्वतंत्र
अधकत गगरी छलकत जाएशक्ति पाकर अत्याधिक वाचाल होना
बगल मे छूरी मुँह मे रामभीतर से बैर ऊपर से मित्रता
लातों के भूत बातों से नहीं मानतेशैतान समझाने पर वश मे नहीं आते
घर का भेदी लंका ढायआपसी फूट के कारण भेद खुलना
नया नौ दिन पुरान सौ दिननई वस्तुओ का विश्वास नहीं होता
मान न मान मै तेरा मेहमानजबरदस्ती किसी को मेहमान
बनना
सावन हरे न भादों सूखेसदैव एक सी स्थिति मे रहना
थोथा चना बाजे घनासत्य नहीं होता वह दिखावा कर रहा है
दूध का दूध पानी का पानीसच और झूठ का फैसला
दोनों हाथो मे लड्डूदोनों ओर से लाभ
आम के आम गुठलियों के दामदोहरा लाभ
साँप मरे लाठी न टूटेनुकसान भी न हो और काम बन जाए
दूर के ढ़ोल सुहावनेजो चीजे दूर से अच्छी लगती हो
न रहेगा बाँस न बाजेगी बांसुरीकारण के नष्ट होने पर कार्य न होना
अपनी अपनी ढपली अपना अपना रागविचारों मे अन्तर
उल्टा चोर कोतवाल को डाटेअपना दोष दूसरे पर रखना
हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के औरकरनी और कार्य क्षेत्र मे अन्तर
आँख का अंधा नाम नैनसुखपूर्ण रूप से मूर्खता मे श्रेष्ठ
बिन माँगे मोती मिले, माँगे मिले न भीखमाँगे बिना अच्छी वस्तु की प्राप्त हो ही जाती है
अंत भला सो भलामूर्ख राजा के राज्य मे अधर्म होना

हिन्दी व्याकरण …

हिन्दी वर्णमालाकारक
शब्दवाच्य
वाक्यवचन
हिन्दी मात्राउपसर्ग
संज्ञाविराम चिन्ह
सर्वनामअविकारी शब्द
क्रियाराजभाषा और राष्ट्रभाषा
विशेषणपर्यायवाची शब्द 160 +
सन्धितत्सम और तद्भव शब्द
समासअनेक शब्दों के लिए एक शब्द
हिन्दी मुहावरा एवं लोकोक्तियांकाल किसे कहते है काल के प्रकार
औपचारिक पत्र, अनौपचारिक पत्र लेखन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *