न्यूनतम अधिगम स्तर क्या है ?

न्यूनतम अधिगम स्तर तीन शब्दों से मिलकर बना है –

  1. न्यूनतम
  2. अधिगम
  3. स्तर

न्यूनतम

न्यूनतम शब्द का अभिप्राय उस अंश से होता है जो किसी निश्चित कक्षा में छात्रों के द्वारा निश्चित समय में अर्जित किया जाता है।

अधिगम

अधिगम शब्द का अर्थ होता है – ‘सीखना’

स्तर

स्तर शब्द का अभिप्राय होता है – जिसमे बालक निश्चित समय में उपलब्धि प्राप्त करता है।

अर्थात कक्षा 4 में पढ़ने वाले छात्र का स्तर कक्षा 4 के पाठ्यक्रम को तैयार करना एवं उसमे निपुण होना होता है।

न्यूनतम अधिगम स्तर का अर्थ 

न्यूनतम अधिगम स्तर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे यह निर्धारित किया जाता है कि बच्चे को किसी निश्चित स्तर पर कम से कम कितना सीखना चाहिए।

न्यूनतम अधिगम स्तर की आवश्यकता अधिगम की मात्रा निश्चित करने हेतु की गई है।

उदाहरण – श्याम कक्षा 4 का एक छात्र है और इसके लिए बोर्ड के द्वारा यह निर्धारित किया गया है कि छात्र को पास होने के लिए कम से कम 33% अंक प्राप्त करने होंगे। तो उस छात्र को कक्षा 4 में पास  होने के लिए 33 % अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यही न्यूनतम अधिगम स्तर कहलायेगा।

न्यूनतम अधिगम स्तर की आवश्यकता

न्यूनतम अधिगम स्तर की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से हुई है जो नीचे दिये गए हैं –

  1. अपव्यय एवं अवरोधन
  2. छात्रों के स्तर में अन्तर
  3. शिक्षा का गिरता हुआ स्तर

न्यूनतम अधिगम स्तर लागू करते समय ध्यान देने योग्य बातें

न्यूनतम अधिगम स्तर लागू करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए –

  • छात्रों की कक्षा स्तर।
  • छात्रों के मानसिक विकास के अनुरूप।
  • छात्रों की आयु।
  • छात्रों का मनोवैज्ञानिक स्तर।
  • छात्रो की भौगोलिक परिस्थितियाँ।

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