इंटरनेट क्या है ? what is internet तथा इंटरनेट की सेवाएँ

आज के समय मे लगभग सभीलोग internet का प्रयोग करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंटरनेट क्या है (what is internet), इंटरनेट को किसने बनाया है। और इंटरनेट हमे कौन – कौन सी सेवाएँ प्रदान करता हैं।

यदि आप internet से संबन्धित जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक पूरा पढ़ें।

इंटरनेट क्या है ? what is internet

यह इंटरनेशनल नेटवर्किंग (International Networking) का संक्षिप्त रूप है। internet दुनियाभर मे फैले हुए छोटे बड़े कम्प्यूटरों का एक विशाल नेटवर्क है। जो टेलीफोन लाइनों के माध्यम से एक दूसरे से सम्पर्क स्थापित करते हैं। आज के समय मे लगभग सभी क्षेत्रों मे इंटरनेट का प्रयोग किया जा रहा है। जैसे – सरकारी संस्थान, बैंकिंग, चिकित्सा, कृषि, फिल्मी जगत, मीडिया, व्यावसायिक संस्थान आदि।

अमेरिका के विंटेन कर्फ को इंटरनेट का जनक माना जाता है।

इंटरनेट एक बलशाली एवं संचार माध्यम है। इसकी विश्व मे शुरुआत 1969 मे तथा देश 1990 के आस – पास हुई। उस समय इंटरनेट का प्रयोग केवल शैक्षिक या रक्षा संबंधी कार्यो के लिए किया जाता था। इंटरनेट का एक वर्ल्ड वाइड वेब (www) है जिसे हम मात्र वेब कहते हैं।

भारत का सबसे बड़ा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) है।

भारत मे इंटरनेट की शुरुआत कब हुई ?

भारत मे इंटरनेट सेवा का आरम्भ 15 अगस्त 1995 को VSNL के द्वारा किया गया। भारत मे इंटरनेट की सेवा प्रदान करने वाली अन्य कम्पनियाँ भी हैं जैसे – BSNL, Mantra On Line, Bharti Airtel आदि।

वर्तमान समय मे BSNL के द्वारा इंटरनेट की सेवा दो माध्यमों के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।

टेलीफोन लाइन के माध्यम से इंटरनेट सेवा

इंटरनेट के लिए विशेषीकृति लाइनों से सेवा

इंटरनेट के लिए आवश्यक उपकरण

इंटरनेट चलाने के लिए आपको निम्न उपकरणो की आवश्यकता होती है –

मोबाइल

PC

माडेम

वेब ब्राउजर

इंटरनेट सर्विस प्रदाता (ISP)

इंटरनेट की प्रमुख सेवाएँ

इंटरनेट हमे बहुत सारे सेवाएँ प्रदान करता है यहाँ हमने इंटरनेट के कुछ प्रमुख सेवा का वर्णन किया है जो नीचे दिये गए हैं –

डोमेन नेम (Domain Name)

किसी वेबसाइट के पता के अंत मे डोमेन नेम का प्रयोग किया जाता है यह किसी संस्था या देश को बताता है| जैसे –

.com – नेटवर्क प्रदाता

.net – कम्पनी

.gov – सरकारी संस्था

.edu – शैक्षिक संस्था

.US – यूनाइटेड स्टेट

.org – स्वैच्छिक संस्थान

.mil – सैनिक

.int – अंतर्राष्ट्रीय

.in  – भारत

ई – मेल

इसको अंग्रेजी मे Electronic Mail कहा जाता है। ई – मेल के द्वारा कोई व्यक्ति इंटरनेट पर दूसरे व्यक्ति को संदेश भेज सकता है। इस माध्यम के द्वारा बड़ी से बड़ी सूचना या संदेशों को इलेक्ट्रोनिक प्रणाली द्वारा प्रकाश की गति से भेजा या प्राप्त किया जा सकता है। इसके द्वारा पत्र, ग्रीटिंग या सिस्टम प्रोग्राम विश्व के किसी भी हिस्से मे भेज सकते हैं।

वर्ल्ड वाइड वेब (www)

यह एक प्रकार का डाटावेश है जिसकी सहायता से इंटरनेट पर सूचनाएँ प्राप्त की जा सकती है। इसमे सूचनाओं को अलग -अलग शीर्षक और उपशीर्षक के रूप मे रखा जाता है।

www का ढाँचा दो नियमों के आधार पर बना है। जिसे HTP (Hyper Text Protocol) तथा HTML (Hyper Text Markup Language) कहा जाता है। प्रत्येक वेब पेज को अपनी सूचनाएँ अन्य कम्प्यूटरों पर दिखाने के लिए इनके नियमो का पालन करना अनिवार्य है। यदि कोई भी वेबसाइट नियमों का सही ढंग से पालन करती है तो उसे किसी भी Operating System पर चल रहे कम्प्यूटर पर दिखा सकते हैं।

वर्ल्ड वाइड वेब (www) की विशेषताएँ

वेब सर्वर इसका सर्वर कॉम्पोनेंट होता है।

वेब ब्राउजर इसका सर्वर कॉम्पोनेंट है।

इसकी भाषा HTML मे होती है।

www इंटरनेट डाट द्वारा प्रदान की जाने वाली सबसे प्रसिद्ध सेवा है।

कोई भी उपयोगकर्ता इसका उपयोग अत्यन्त सरल विधि से कर करता है।

टेलनेट (Telnet)

इस सुविधा से किसी स्थानीय कम्प्यूटर द्वारा इंटरनेट से जुड़े दूरस्थ कम्प्यूटर पर कार्य तथा उसके संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है। इसे Remote Login कहा जाता है।

गोफर (Gophar)

यह एक User Friendly इंटरफेस है जिसके जरिये User इंटरनेट पर Program व सूचनाओं का आदान – प्रदान कर सकता है। गोफर के द्वारा इंटरनेट की कई सेवाएँ आपस मे जुड़ी रहती हैं।

आर्ची (Archie)

आर्ची सर्वर का एक समूह है जिसके माध्यम से सूचनाओ को खोजा जाता है। अर्थात FTP (File Transfer Protocol) मे स्टोर फ़ाइलॉ को खोजने के लिए आर्ची का प्रयोग किया जाता है।

ई – कॉमर्स

इस सुविधा के द्वारा इंटरनेट के माध्यम से आपस मे सम्पर्क करके वस्तुओ तथा सेवाओ का क्रय – विक्रय किया जाता है।

बात – चीत करना (Chatting)

इस सुविधा के द्वारा इंटरनेट से जुड़े कम्प्यूटर या अन्य डिवाइस द्वारा दो या दो से अधिक व्यक्ति एक – दूसरे से लिखकर बात करते हैं।

इंटरनेट से संबन्धित कुछ महत्वपूर्ण शब्द

आनलाइन (Online)

जब कोई भी User इंटरनेट पर जानकारियो व सेवाओ का अध्ययन करता है तब कहा जाता है कि User ऑनलाइन है।

ऑफलाइन (Offline)

जब User इंटरनेट मे मौजूद सूचनाओं को अपने system मे store करके इंटरनेट सम्पर्क काट देता है तब कहा जाता है कि User Offline है।

डाउनलोड (Download)

इंटरनेट या किसी दूसरे कम्प्यूटर से प्राप्त सूचनाओं को अपने कम्प्यूटर मे एकत्रित करना download कहलाता है।

URL (Uniform Resource Locator)

URL  का प्रयोग वेब पर किसी विशेष सूचना को संचालित करने मे किया जाता है।

ब्राउजर (Browser)

यह एक ऐसा साफ्टवेयर है जिसकी सहायता से User सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए इंटरनेट मे प्रवेश करता है।

वेब ब्राउजर (Web Browser)

वह साफ्टवेयर जो कम्प्यूटर को इंटरनेट से जोड़ता है, वेब ब्राउजर कहलाता है| जैसे – Microsoft Internet Explorer

वेबसाइट (Website)

वेब पेजों के समूह को website कहते हैं। जिसमे Audio, Video, Image का समावेश होता है| प्रथम website के निर्माण का श्रेय टिम बर्नस ली को है।

वेबपेज (Web Page)

Homepage पर बने Hyper Link पर क्लिक करने पर जो पेज हमारे सामने खुलता है, उसे Web Page कहते हैं।

होम पेज (Home Page)

यह किसी भी Website का शुरुआती पेज होता है जिसमे सूचनाएँ Hyper link द्वारा जोड़ी जाती है।

हाइपर लिंक (Hyper Link)

वेब पेज मे मौजूद वह विशेष शब्द या चित्र जिस पर क्लिक करने पर उस शब्द या चित्र से संबन्धित सूचना एक अलग पेज पर आ जाती है, उस वेब पेज को Hyper link कहते हैं।

प्रोटोकाल (Protocol)

कम्प्यूटर मे विभिन्न नेटवर्क को आपस मे Communication कराने के लिए कुछ नियम होते हैं जिसे Protocol कहा जाता है। यह नियम साफ्टवेयर के रूप मे होते हैं।

सर्फिंग (Suffring)

इंटरनेट के नेटवर्क मे महत्वपूर्ण सूचनाओं को खोजने का काम Suffring कहलाता है।

HTTP (Hyper Text Transfer Protocol)

यह इंटरनेट पर प्रयुक्त प्रोटोकॉल है जो वेब पेज के प्रारूप तथा प्रसारण का निर्धारण करता है।

स्पाम (Spam)

यह इंटरनेट पर विज्ञापन करने या संदेश भेजने की एक तकनीकी है। इंटरनेट पर e – mail का प्रयोग करके अवांछिक विज्ञापन को दूसरे कम्प्यूटर पर भेजना स्पैम कहलाता है।

मल्टीमीडिया (Multimedia)

किसी सूचना की प्रस्तुति मे एक से अधिक माध्यमों का प्रयोग multimedia कहलाता है। आजकल multimedia का प्रयोग शिक्षा, व्यापार, मनोरंजन, विज्ञान आदि क्षेत्रों मे किया जा रहा है।

IP Address

नेटवर्क मे सर्वर और उससे जुड़े प्रत्येक नोड को पहचान कोड दिया जाता है जो IP Address कहलाता है। IP Address का प्रयोग सूचनाओ के आदान – प्रदान मे किया जाता है।

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